अजीब जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ पर – Ajeeb Julm Karatee Hain Teree Yaaden Mujh Par !

अजीब जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ पर
सो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती है

तुमसे भी कोई शिकायत ना रही – Tumse Bhee Koee Shikaayat Na Rahee !

जब से देखा है चांद को तन्हा
तुमसे भी कोई शिकायत ना रही

तुम जिंदगी की वह कमी हो – Tum Jindagee Kee Vah Kamee Ho !

तुम जिंदगी की वह कमी हो
जो जिंदगी भर रहेगी

काश दिल भी मेरा उतना खराब होता – Kaash Dil Bhee Mera Utna Kharaab Hota !

काश दिल भी मेरा उतना खराब होता
जितना खराब दिमाग है

अपनों को ही गिरा दिया करते है – Apno Ko Hee Gira Diya Karte Hai !

अपनों को ही गिरा दिया करते है कुछ लोग
खुद को गैरों की नजरों में उठाने के लिए 

हर कोई रखता है खबर गैरों के गुनाहों की – Har Koee Rakhta Hai Khabar Gairon Ke Gunaahon Kee !

यहां हर कोई रखता है खबर गैरों के गुनाहों की
अजीब फितरत है कोई आईना नही देखता