Home » Gulzar Shayari

तुमसे भी कोई शिकायत ना रही – Tumse Bhee Koee Shikaayat Na Rahee !

जब से देखा है चांद को तन्हा तुमसे भी कोई शिकायत ना रही

Read More »

तुम जिंदगी की वह कमी हो – Tum Jindagee Kee Vah Kamee Ho !

तुम जिंदगी की वह कमी हो जो जिंदगी भर रहेगी

Read More »

काश दिल भी मेरा उतना खराब होता – Kaash Dil Bhee Mera Utna Kharaab Hota !

काश दिल भी मेरा उतना खराब होता जितना खराब दिमाग है

Read More »

अपनों को ही गिरा दिया करते है – Apno Ko Hee Gira Diya Karte Hai !

अपनों को ही गिरा दिया करते है कुछ लोग खुद को गैरों की नजरों में उठाने के लिए 

Read More »

हर कोई रखता है खबर गैरों के गुनाहों की – Har Koee Rakhta Hai Khabar Gairon Ke Gunaahon Kee !

यहां हर कोई रखता है खबर गैरों के गुनाहों की अजीब फितरत है कोई आईना नही देखता

Read More »

मैं दिल का साफ हूं उसे सूरत का चाहिए – Main Dil Ka Saaf Hoon Use Soorat Ka Chaahie !

मैं दिल का साफ हूं उसे सूरत का चाहिए

Read More »