तुमसे भी कोई शिकायत ना रही – Tumse Bhee Koee Shikaayat Na Rahee !

जब से देखा है चांद को तन्हा
तुमसे भी कोई शिकायत ना रही

तुम जिंदगी की वह कमी हो – Tum Jindagee Kee Vah Kamee Ho !

तुम जिंदगी की वह कमी हो
जो जिंदगी भर रहेगी

काश दिल भी मेरा उतना खराब होता – Kaash Dil Bhee Mera Utna Kharaab Hota !

काश दिल भी मेरा उतना खराब होता
जितना खराब दिमाग है

अपनों को ही गिरा दिया करते है – Apno Ko Hee Gira Diya Karte Hai !

अपनों को ही गिरा दिया करते है कुछ लोग
खुद को गैरों की नजरों में उठाने के लिए 

हर कोई रखता है खबर गैरों के गुनाहों की – Har Koee Rakhta Hai Khabar Gairon Ke Gunaahon Kee !

यहां हर कोई रखता है खबर गैरों के गुनाहों की
अजीब फितरत है कोई आईना नही देखता

मैं दिल का साफ हूं उसे सूरत का चाहिए – Main Dil Ka Saaf Hoon Use Soorat Ka Chaahie !

मैं दिल का साफ हूं
उसे सूरत का चाहिए

दिल की बात साफ-साफ कह देनी चाहिए – Dil Kee Baat Saaf-saaf Kah Denee Chaahie !

दिल की बात साफ-साफ कह देनी चाहिए
क्योंकि बता देने से फैसले होते है ना बताने से फासले

कैसी मोहब्बत है तेरी – Kaisee Mohbbat Hai Teree

यह कैसी मोहब्बत है तेरी
महफिल में मिले तो अनजान कह दिया
तन्हा मिले तो जान कह दिया

तुम ही आकर थाम लो – Tum Hee Aakar Thaam Lo !

तुम ही आकर थाम लो मुझे
औरों ने तो छोड़ दिया है तुम्हारा समझ कर

दिल में सुराख हो गया है – Dil Mein Suraakh Ho Gaya Hai !

सोचती हूं दिल में सुराख हो गया है… वरना
क्यों पहले की तरह भर नही आता