Bewafa Dosti Shayari – बेवफा दोस्ती शायरी !

कदम कदम पर बहारो ने साथ छोडा ,
जरुरत पडने पर यारो ने साथ छोडा ,
बादा किया सितारोँ ने साथ निभाने का ,
सुबह होने पर सितारो ने साथ छोडा .

 

यू तो हर दिल में एक कशिश होती है
हर कशिश में एक ख्वाहिश होती है
मुमकिन नही सभी के लिए ताज महल बनाना
लेकिन हर दिल में एक मुमताज़ होती ह

 

मैं शिकायत क्यों करूँ, ये तो क़िस्मत की बात है..
तेरी सोच में भी मैं नहीं, मुझे लफ्ज़ लफ्ज़ तू याद है..!!

 

ना जाने कैसे इम्तेहान ले रही है जिँदगी आजकल,मुक्दर, मोहब्बत और दोस्त तीनो नाराज रहते है.
मैं फिर से, ठीक तेरे जैसे की तलाश में हूँ..
गलती कर रहा हू लेकिन होशोहवास में हू
मैं तेरा कोई नहीं मगर इतना तो बता
ज़िक्र से मेरे, तेरे दिल में आता क्या है?
कुछ उम्दा किस्म के जज़्बात हैं हमारे,कभी दिल से समझने की तकलुफ़्फ़् तो कीजिए

 

इतनी वफ़ादारी ना कर किसी से यूँ मदहोश होकर
दुनिया वाले एक खता के बदले सारी वफ़ाएं भुला देते ह
अगर आप किसी कों धोका देने में कामयाब हो गए
तो ये मत समजना की आप कितने चालाक है
ये सोचना की वो आप पर कितना विश्वास करता था..!!