42+ Romantic Shayari In Hindi 42 से भी ज्यादा रोमांटिक शायरी हिन्दी में !

Romantic Shayari In Hindi – क्या आपका मिजाज रोमांटिक है और आप अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक होना चाहते है तो आज हम आपके लिए रोमांटिक शायरी की Huge कलेक्शन लाये है जिसे आप अपने पार्टनर के साथ कर सकते है और उनके साथ रोमांटिक हो सकते है हम ऊमीद करते है आपको रोमांटिक शायरी पर हमारा यह आर्टिक्ल पसंद आएगा 

So Let’s Begin 

Behtarin Romantic Shayari Or Bahut Romantic Shayari

 

की है कोई हसीन खता हर खता के साथ
थोड़ा सा प्यार भी मुझे दे दो सज़ा के साथ

 

रुका हुआ है अज़ब धूप-छाँव का मौसम
गुजर रहा है कोई दिल से बादलों की तरह

 

ये तेरे इश्क का कितना हसीन एहसास है
लगता है जैसे तू हर-पल मेरे साथ है
मोहब्बत तेरी दीवानगी बन चुकी है मेरी
अब जिंदगी की आरज़ू सिर्फ तेरा साथ

 

मेरे दिल का कहा मानो एक काम कर दो
एक बेनाम सी मोहब्बत मेरे नाम कर दो
मेरे ऊपर एक छोटा सा एहसान कर दो
एक दिन सुबह को मिलो और शाम कर दो

 

हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया

 

तुमको दे दी है इशारों में इजाज़त मैंने
माँगने से न मिल सकूं तो चुरा लो मुझको

 

हमारे इश्क़ को यूं न आज़माओ सनम
पत्थरों को धड़कना सिखा देते हैं हम

 

तुम्हारी खुशियों के ठिकाने बहुत होंगे मगर
हमारी बेचैनियों की वजह बस तुम हो

 

तेरे खामोश होंठों पर मोहब्बत गुनगुनाती है
तू मेरा है मैं तेरा हूँ बस यही आवाज़ आती है

 

एक चाहत है सिर्फ आपके साथ जीने की
वरना मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती है

 

धड़कते हुए दिल का करार हो तुम
इन सजी महफिलों की बहार तो तुम
तरसती हुयी निगाहों का इंतज़ार हो तुम
मेरी जिंदगी का पहला प्यार हो तुम

 

तेरे नाम से मोहब्बत की है
तेरे एहसास से मोहब्बत की है
तू मेरे पास नहीं फिर भी
तेरी याद से मोहब्बत की है

 

नजर से नजर को मिलाओ नजर का ऐतबार करो
हम तुम से सनम और तुम हम से प्यार करो
तुम जो रूठो तो कुछ भी करके मनाएं तुमको
हम जो पल भर को जायें तो तुम इंतज़ार करो

 

ये कैसा सिलसिला है तेरे और मेरे दरमियाँ
फासले तो बहुत हैं मोहब्बत कम नहीं होती

 

चूमना क्या उसे आँखों से लगाना कैसा
फूल जो डाल से गिर जाये तो उठाना कैसा
अपने होंठों की हरारत से जगाओ मुझको
यूँ सदाओं से दम-ए-सुबह जगाना कैसा

 

बहके बहके ही अंदाज-ए-बयां होते हैं
जब आप होते हैं तो होश कहाँ होते हैं

 

किस किस तरह छुपाऊं अब मैं तुम्हें
मेरी मुस्कान में भी तुम नजर आने लगे हो

 

मेरे हाथों की लकीरों में समाने वाले
कैसे छीनेंगे तुझे मुझसे ज़माने वाले

 

जिंदगी बन गए हो तुम मेरी
आरजू बन गए हो तुम मेरी
मेरा खुदा माफ़ करे मुझे
बंदगी बन गए हो तुम मेरी

 

लोगों ने रोज ही नया कुछ माँगा खुदा से
एक हम ही हैं जो तेरे ख्याल से आगे न गये

 

सुबह उठते ही तेरे जिस्म की खुशबू आई
शायद रात भर तूने मुझे ख्वाब में देखा है

 

चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो
साँसों में खुशबू बन के बिखर जाते हो
कुछ यूँ चला है आपके प्यार का जादू
सोते-जागते बस तुम ही नजर आते हो

 

शाम होते ही तेरे प्यार की पागल खुशबू
नींद आँखों से सुकून दिल का चुरा लेती है

 

सामने बैठे रहो दिल को करार आएगा
जितना देखेंगे तुम्हें उतना ही प्यार आएगा

 

फिजा में महकती शाम हो तुम
प्यार का छलकता जाम हो तुम
सीने में छुपाये फिरते हैं तुम्हें
मेरी ज़िन्दगी का दूसरा नाम हो तुम

 

मैने कब तुझसे ज़माने की खुशी माँगी है
एक हल्की-सी मेरे लब पे हँसी माँगी है
सामने तुझको बिठाकर तेरा दीदार करूँ
जी में आता हैं जी भर के तुझे प्यार करूँ

 

मंजिल भी तुम हो तलाश भी तुम हो
उम्मीद भी तुम हो आस भी तुम हो
इश्क भी तुम हो और जूनूँ भी तुम ही हो
अहसास तुम हो प्यास भी तुम ही हो

 

उदास लम्हों की न कोई याद रखना
तूफान में भी वजूद अपना संभाल रखना
किसी की ज़िंदगी की ख़ुशी हो तुम
बस यही सोच तुम अपना ख्याल रखना

 

आँखों में आँखें डालकर तुम्हारा दीदार
ये कशिश बयाँ करना मेरे बस की बात नही

 

एक शब गुजरी थी तेरे गेसुओं के छाँव में
उम्र भर बेख्वाबियाँ मेरा मुकद्दर हो गयीं

 

मेरे वजूद में काश तू उतर जाए
मैं देखूं आइना और तू नजर आये
तू हो सामने और वक्त ठहर जाए
और तुझे देखते हुए जिंदगी गुज़र जाए

 

ये लकीरें ये नसीब ये किस्मत
सब फ़रेब के आईने हैं
हाथों में तेरा हाथ होने से ही
मुकम्मल ज़िन्दगी के मायने हैं

 

आ भी जाओ मेरी आँखों के रूबरू अब तुम
कितना ख्वाबों में तुझे और तलाशा जाए

 

रूबरू मिलने का मौका मिलता नहीं है रोज
इसलिए लफ्ज़ों से तुमको छू लिया मैंने

 

इससे ज़्यादा तुझे और कितना करीब लाऊँ मैं
कि तुझे दिल में रख कर भी मेरा दिल नहीं भरता

 

हक़ीक़त ना सही तुम ख़्वाब बन कर मिला करो
भटके मुसाफिर को चांदनी रात बनकर मिला करो

 

कभी लफ्ज़ भूल जाऊं कभी बात भूल जाऊं
तूझे इस कदर चाहूँ कि अपनी जात भूल जाऊं
कभी उठ के तेरे पास से जो मैं चल दूँ
जाते हुए खुद को तेरे पास भूल जाऊं

 

तुम मिल गए तो मुझ से नाराज है खुदा
कहता है कि तू अब कुछ माँगता नहीं है

 

मेरी बाँहों में बहकने की सज़ा भी सुन ले
अब बहुत देर में आज़ाद करूँगा तुझको

 

अल्फाज़ की शक्ल में एहसास लिखा जाता है
यहाँ पर पानी को प्यास लिखा जाता है
मेरे जज़्बात वाकिफ से है मेरी कलम भी
प्यार लिखूं तो तेरा नाम लिखा जाता है

 

तुम नहीं होते हो तो बहुत खलता है
प्यार कितना है तुमसे पता चलता है

Let’s Wrap It

हम आशा करते है आपको romantic shayari पर हमारा यह आर्टिक्ल पसंद आया होगा अगर आपको यह आर्टिक्ल पसंद आया तो इस इस पोस्ट को अपने सोश्ल मीडिया अकाउंट पर शेर करें अगर आपको कोई सवाल हो तो आप हुमें कमेंट बॉक्स में सुगगेस्ट कर सकते है !

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