20+ Maut Ki Shayari In Hindi – 20+ मौत की शायरी हिंदी में !

आज हम आपके लिए लाये है Maut Ki Shayari Par लेख हम उमीद करते है आपको पसंद आएगा तो चलिए आर्टिकल की शुरुआत करते है Let’s Begin…

मौत जिंदगी की सबसे बड़ी सचाई जिसे दुनिया में कोई नकार नहीं सकता है हा भले ही मौत इश्वर के हाथ में है पर कुछ लोग इस दुनिया में ऐसे भी है जिंदगी से पहले ही हार मान लेते है और जीते जी अपने आप को मारा हुआ मान लेते है

इस केटेगरी में मुख्य रूप से दो तरह के लोग होते है पहले तो वो लोग जो प्यार में धोखा खाए होते है और दुसरे वे जिन्हें जिंदगी ने इतने दुःख दिए होते है की उन्हें जीवन जीने की इच्छा ही ख़त्म हो जाती है यह वह लोग होते है जिन्हें 2 वक्त की रोटी भी मुस्किल से मिल पाती है यानी यु मानो यह पल पल मरते है और

कुछ लोग ऐसे भी होते है जिनके पास सब कुछ होता है और उन्हें कुछ पाना नहीं होता है उन्हें भी जिंदगी रास नहीं आती है और कभी कभी कुछ लोगों की ख्वाइशे इतनी बढ़ जाती है की वे अपनी चाहत से ज्यादा चाह करने लगते है और न मिलने पर उन्हें जिंदगी नरक सी लगने लगती है

संक्षेप में कहे तो,
बहुत से आशिंक अपने प्यार को न पाने के कारन भी maut का चयन करते है और कुछ लोग गरीबी से निजात पाने के लिए मरने की रहा चुनते है तो आज हम

इन्ही मरने की चाह करने वालो पर maut ki shayari लेकर आये है हम उमीद करते है आपको पसंद आएगी

Maut Ki Shayari पर जाए 

हम अपनी मौत खुद मर जाएंगे सनम
आप अपने सर क्यों इल्जाम लेते हो
जालिम है दुनिया ना जीने देगी आप को
आप क्यों अपनी जुबा से मेरा नाम लेते हो..!!

सबने कहा इश्क़ दर्द है
हमने कहा ये दर्द कबुल है
सबने कहा इस दर्द के साथ जी नहीं पाओगे
हमने कहा इस दर्द के साथ मरना कबुल है..!!

मेरे मरने के बाद तुम
पर एक इलज़ाम होगा
कफ़न उठा के देख लेना
मेरे होटों पर तेरा ही नाम होगा..!!

मुझे ना जीने की ख़ुशी हैं अब
और ना ही मरने का हैं गम
उनसे मिलने की दुआ भी नहीं करते हम
क्युकी अब हर शाम है उनकी यादो के संग..!!

मेरे ज़ख्मो को हवा दे रहे हो
किस बात की यह सजा दे रहे हो
हमने तो कोई गुस्ताखी नहीं की
फिर क्यों मरने की बद्दुआ दे रहे हो..!!

मेरे मरने के बाद मेरी कहानी लिखना
कैसे बर्बाद हुई मेरी जवानी लिखना
और लिखना की मेरे होंठ खुशी को तरसे
कैसे बरसा मेरी आँखूं से पानी लिखना..!!

मेरी रूह भी शायद भटकेगी दुनिया में
सुना है प्यार करने वाले मरते नहीं कभी
क्या करेंगे जी कर हम बिन यार के खुदा
देख मरने से भी दिलवाले डरते नहीं कभी..!!

कशिश तोह बहुत है मेरे प्यार मैं
लेकिन कोई है पत्थर दिल जो पिघलता नहीं
अगर मिले ख़ुदा तो माँगूंगी उसको
सुना है ख़ुदा मरने से पहले मिलते नहीं..!!

यहाँ गरीब को मरने की इसलिए भी जल्दी है साहब
कहीं जिन्दगी की कशमकश में कफ़न महँगा ना हो जाए..!!

जीना सीख लिया बेवफाई के साथ अब तो
खेलना सीख लिया अब दर्द से हमने
दिल किस कदर टूटा है क्या बताएं
मरने से पहले कफ़न ओढ़ना सिख लिया हमने..!!

मेरे मरने के बाद किसी को
कोई ख़ास फ़र्क़ तो नहीं होगा;
बस एक तन्हाई रोयेगी
की मेरा हमसफ़र चला गया..!!

खबर सुनकर मरने की वो बोले रक़ीबों से
खुदा बख्शे बहुत-सी खूबियां थीं मरने वाले में..!!

मिट्टी मेरी कब्र से उठा रहा है कोई
मरने के बाद भी याद आ रहा है कोई
ऐ खुदा कुछ पल की मोहलत और दे दे
उदास मेरी कब्र से जा रहा है कोई..!!

मौत-ओ-हस्ती की कशमकश में कटी उम्र तमाम
गम ने जीने न दिया शौक ने मरने न दिया..!!

छोड़कर चला जाऊं अब तेरी यह दुनिया
मेरे दाता मुझको इतनी सी इज़ाज़त दे दे
मैंने पायी है नफरत सदा तेरी दी ज़िन्दगी से
मौत तो अब लगा ले गले इतनी मोहब्बत दे दे..!!

हम उम्मीदों की दुनियां बसाते रहे;
वो भी पल पल हमें आजमाते रहे;
जब मोहब्बत में मरने का वक्त आया;
हम मर गए और वो मुस्कुराते रहे..!!

खबर मरने की जब आये तो
यह न समझना हम दगाबाज़ थे
किस्मत ने गम इतने दिए
बस ज़रा से परेशान थे ..!!

छोड़कर चला जाऊं अब तेरी यह दुनिया
मेरे दाता मुझको इतनी सी इज़ाज़त दे दे
मैंने पायी है नफरत सदा तेरी दी ज़िन्दगी से
मौत तो अब लगा ले गले इतनी मोहब्बत दे दे..!!

Let’s wrap it,

 

 

 

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